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भगवान परशुराम के आदर्श अब वैश्विक मंच पर: इस्पेक के साथ बैंकॉक में चर्चा

बैंकॉक/जयपुर। विप्र फाउंडेशन द्वारा प्रवर्तित ‘इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर परशुराम कॉन्शसनेस (ISPAC)’ की चेयरपर्सन डॉ. हर्षा त्रिवेदी ने अपने थाईलैंड प्रवास के दौरान बैंकॉक में प्रसिद्ध उद्योगपति एवं सनातन संस्कृति के समर्पित सेवक सुनील कोठारी से भेंट की। इस अवसर पर डॉ. त्रिवेदी ने श्री कोठारी को ‘भगवान परशुराम : आदर्श, प्रादर्श और प्रतिदर्श’ पुस्तक की प्रति भेंट की।

इस्पेक के प्रभारी प्यारेलाल शर्मा ने बताया कि मुलाक़ात के दौरान इस्पेक के उद्देश्यों, अंतरराष्ट्रीय विस्तार तथा भगवान श्री परशुराम के वैश्विक प्रचार-प्रसार से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। डॉ. त्रिवेदी ने विप्र फाउंडेशन के प्रमुख प्रकल्पों की जानकारी साझा करते हुए भारत सरकार एवं विप्र फाउंडेशन की सहभागिता से अरुणाचल प्रदेश में आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित भगवान श्री परशुराम की विश्व-विराट प्रतिमा प्रकल्प के बारे में विस्तार से बताया।

श्री कोठारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रकल्प भगवान श्री परशुराम के आदर्शों, भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस्पेक के कार्यों के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।

उल्लेखनीय है कि अपने बैंकॉक प्रवास के दौरान डॉ. त्रिवेदी ने थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल, डिप्टी चीफ ऑफ मिशन शाश्वती आर्या तथा स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक संतोष कुमार से भी भेंट कर उन्हें पुस्तक की प्रति भेंट की। दूतावास के अधिकारियों ने भी इस आध्यात्मिक पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

ज्ञातव्य है कि ऑस्ट्रेलिया, जापान, जर्मनी, अमेरिका और नेपाल सहित अनेक देशों में सक्रिय इस्पेक भगवान श्री परशुराम के विचारों के प्रसार, सनातन मूल्यों के संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।